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पीतांबरा पीठ की व्यवस्थाओं पर विहिप ने उठाए सवाल:दान राशि और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता नहीं, जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

दतिया जिला कलेक्टर से भेंट की जिसमें मंत्री अजय राज शर्मा ने दतिया पीताम्वरा पीठ पर हो रही अनियमितताओं,,,ओर कथित भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त करते हुए आग्रह पत्र सौंपते हुए कहा कि जैसा कि आप सभी को विदित है कि विश्व हिन्दू परिषद् अपने प्रारम्भ से ही मठ मन्दिरों के अधिकार, सुरक्षा, पवित्रता व सुदृढ़ता के लिए प्रतिबद्ध रहा है। इसी क्रम में दतिया नगर में स्थित माँ पीताम्बरा पीठ जो कि पूज्यपाद् राष्ट्रगुरु श्री स्वामी जी महाराज के द्वारा स्थापित मन्दिर है जिसकी ख्याति सम्पूर्ण विश्व में व्याप्त है जो कि हम सभी सनातनियों की आस्था का केंद्र है। यहां हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन व अपने धार्मिक अनुष्ठान हेतु आते हैं।

पूज्यपाद् श्री स्वामी जी महाराज ने अपने करकमलों द्वारा पीठ की व्यवस्थाओं हेतु सन 1978 में माँ पीताम्बरा पीठ रिलिजियस एवं चेरिटेबल ट्रस्ट का निर्माण किया था। परन्तु कुछ समय से हिन्दू समाज व पीठ पर आने वाले श्रद्धालुओं के द्वारा श्री पीताम्बरा पीठ मन्दिर पर अत्यधिक अनियमितता, व कथित भ्रष्टाचार निरन्तर देखा व सुना जा रहा है, जिस पर किसी भी प्रकार का कोई अकुंश नहीं है। इसके सम्बन्ध में निरंतर समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया व यूट्यूव विडीओ इत्यादि के माध्यम से समाज में सूचनायें प्रसारित होती रहती हैं। इसलिए समस्त श्रद्धालु, सेवक, दर्शनार्थी अत्यधिक आहत हैं। श्री पीताम्बरा पीठ पर दर्शनार्थियों द्वारा दान का पैसा आता है जिसकी पारदर्शिता नितान्त आवश्यक है। श्री पीताम्बरा पीठ पर व्याप्त अनियमितताओं में से कुछ प्रमुख बिन्दुओं पर कलेक्टर जी का ध्यान आकर्षित करवाते हुए मंत्री अजय राज शर्मा ने कहा कि,

 

1. लम्बे समय से न्यास मण्डल में मंत्री पद रिक्त है। जिसके कारण यहां की व्यवस्थायें अनियन्त्रित हैं।

2. न्यास मण्डल के सदस्यों की संख्या लम्बे समय से पूर्ण नहीं है। गिने चुने लोग ही निर्णय लेते हैं और उनका क्रियान्वयन ठीक से नहीं होता।

3. सदस्यों के चयन में पारदर्शिता का अभाव है।

4 चयनित सदस्य अपने प्रभाव के कारण लम्बे समय से बने हुये हैं एवं अव्यवस्थाओं पर मौन हैं।

5. निर्माण कार्यों में व्यापक धांधली, व टेंडर प्रक्रिया में अनियमिततायें देखी जा रही हैं।

6. मन्त्रदीक्षा के लिए कोई भी प्रभावी नियमावली नहीं है। ओर जो है उसका पालन नहीं किया जाता, उसमें अपने लोगों को दीक्षा देना अथवा प्रलोभवस दीक्षा देना।

7. पीठ में विभिन्न पदों पर बैठे हुए अधिकारी/कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इनके पास आय से अधिक संपत्ति है। एवं इनके काम करने की आयु निर्धारित नहीं है।

8. दर्शनार्थियों को दर्शन कराने में अव्यवस्थायें अथवा रुपये लेकर दर्शन कराना ऐसी सूचनाएं समय समय पर समाज में आती रहती हैं,

9. निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अत्यधिक कमी का होना जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण पिछले वर्ष निर्माणाधीन पिलर का गिरना।

10. पीठ पर उपसमितियों का गठन कर अपने अनुसार निर्णय कराना एवं जो निर्णय उनके अनुसार नहीं है उसको लागू नहीं करना और भी अन्य बिन्दु हैं।

11. पीठ पर आए हुए श्रद्धालुओं के लिए पीने योग्य पानी, बैठने के लिए छायादार जगह इत्यादि मूलभूत आवश्यकताओं का अभाव होना,

12. आग्रह है श्री पीताम्वरा पीठ न्यास के मनमाने नियमों को देखते हुए स्थाननीय धार्मिक व्यक्ति व् एक प्रशासनिक व्यक्ति की सहभागिता हो,

13. न्यास की आय और व्यय का विवरण प्रतिमाह सार्वजनिक पटल पर अंकित किया जावे,

14. मंदिर की दान पेटी खोलते समय व् गणना करते समय न्यास, समाज व एक व्यक्ति प्रशासन का भी रहे,

 

अंत में विहिप मंत्री अजय राज शर्मा ने कहा कि आप से आग्रह है कि आप के द्वारा निर्मित प्रबंधन सहयोग एवं परिवेक्षक समिति 05/01/2026 की बैठक नियमित करवा कर उपरोक्त बिंदुओं का गहन अध्ययन कर इनकी निष्पक्ष जांच हो विश्व हिन्दू परिषद् आप से सहयोग व निष्पक्ष जांच की अपेक्षा करता है।

अन्यथा विश्व हिन्दू परिषद् आवश्यकता पड़ने पर व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा,

उपरोक्त विषय की समस्त जानकारी माननीय मोहन यादव जी मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश को दे दी गई है,

 

ज्ञापन देते समय उपस्थित रहे,

रामनारायण दांगी, अरुण जोशी, श्यामू कुशवाहा, प्रवीण भोड़ेले,आकाश शर्मा,मैथिली शरण, राघवेंद्र बुंदेला, जयप्रकाश दांगी, कांत जी, इत्यादि

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