E-PaperTrendingक्राइममध्य प्रदेशलोकल न्यूज़

टेंट, डीजे और हलवाई सहित सेवा प्रदाताओं पर भी FIR दर्ज बाल विवाह पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई

टेंट, डीजे और हलवाई सहित सेवा प्रदाताओं पर भी FIR दर्ज बाल विवाह पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई

कलेक्टर  स्वप्निल वानखड़े की बाल विवाह पर बड़ी कार्यवाही

विदाई के रास्ते से रुकवाया बाल विवाह
टेंट-डीजे और हलवाई समेत सभी पर एफआईआर दर्ज

दतिया 12 फरवरी 2026/ जिले में बाल विवाह जैसी कुरीति के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे कठोर कार्यवाही को अंजाम दिया है। कलेक्टर  स्वप्निल वानखड़े के निर्देशन में प्रशासनिक टीम ने ग्राम खटोला में हुई एक 16 वर्षीय नाबालिग बालिका की शादी के एवं विदा के बाद घर लोट रही बारात को बीच रास्ते में रोककर नाबालिग बालिका को अपने संरक्षण में लेकर उसका बाल विवाह करवाने वाले उसके परिजनों पर ही नहीं, बल्कि इस अपराध में शामिल सेवा प्रदाताओं (टेंट, डीजे, हलवाई) पर भी कार्यवाही करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।

11 फरवरी को जिला कलेक्टर  स्वप्निल वानखड़े को सूचना मिली कि ग्राम खटोला में एक नाबालिग बालिका का विवाह संपन्न हो चुका है और ससुराल पक्ष (शिवपुरी) उसे विदा कराकर ले जा रहा है। सूचना मिलते ही कलेक्टर के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी  अरविंद उपाध्याय, एवं जनपद सीईओ  बिनीत तिवारी, के नेतृत्व में परियोजना अधिकारी श्रीमती दीपा छिरोलिया, सेक्टर पर्यवेक्षक  अनुराधा दुवे, विशेष किशोर पुलिस इकाई से प्रधान आरक्षक  जंडेल सिंह तोमर, उनाव थाना से प्रभारी  यतेंद्र सिंह भदौरिया एवं पुलिस टीम के साथ तुरंत ग्राम खटोला पहुँचे जहां जानकारी मिली कि दुल्हन की विदा हो चुकी है। तुरंत ही टीम ने विदाई के काफिले का पीछा किया और घेराबंदी कर बारात को रास्ते में ही रोक लिया। मौके पर बालिका के दस्तावेज जैसे अंकसूची आदि मंगाकर उनकी जांच की गई, जिसके आधार पर बालिका की उम्र मात्र 16 वर्ष 6 माह पाई गई। शिकायत सही पाते हुए प्रशासन ने तत्काल बालिका को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति दतिया के समक्ष प्रस्तुत करते हुए वन स्टॉप सेंटर दतिया सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
कलेक्टर  वानखड़े ने इस बार कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए एक नजीर पेश की है। बाल विवाह में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले भोजन बनाने वाले हलवाई, पंडाल लगाने वाले टेंट संचालक डीजे मालिक इन सभी के विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की विभिन्न धाराओं के तहत उनाव थाने में मामला दर्ज किया गया है। जिले में यह संभवतः पहली बार है जब सेवा प्रदाताओं पर इतनी सख्त कार्रवाई हुई है।
कलेक्टर  ने जिले के समस्त वैवाहिक कार्यक्रम में सेवा देने वाले टेंट हाउस, हलवाई, डीजे संचालकों और पंडितों से पुनः यह अपील की है कि किसी भी मांगलिक कार्यक्रम की बुकिंग से पहले वर-वधू के आयु संबंधी प्रमाण पत्र (अंकसूची या जन्म प्रमाण पत्र) अनिवार्य रूप से देखें। यदि भविष्य में किसी भी बाल विवाह में इनकी संलिप्तता पाई गई, तो उनके खिलाफ भी एफआईआर होगी तथा लाइसेंस भी निरस्त होंगे ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!